दो भाइयों के खिलाफ तस्करी के 3 से अधिक मामले दर्ज, दिल्ली से हेरोइन लाकर ट्राईसिटी में सप्लाई करते थे, करीब 7 लाख रुपये की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया में
पंचकूला। डिटेक्टिव स्टाफ पंचकूला की टीम ने इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के नेतृत्व में दो सगे भाइयों द्वारा नशे की कमाई से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के तहत की जा रही है। कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत संबंधित संपत्तियों को विधिवत जब्त किया जाएगा।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि खड़क मंगोली, पंचकूला निवासी दर्पण और करण नामक दोनों भाई लंबे समय से हेरोइन तस्करी के मामलों में संलिप्त रहे हैं। दोनों के खिलाफ तीन से अधिक नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी दिल्ली से हेरोइन लाकर ट्राईसिटी क्षेत्र में सप्लाई करते थे और इस अवैध धंधे के लिए अपनी निजी वाहनों का इस्तेमाल करते थे।जब्ती की प्रक्रिया में एक स्विफ्ट कार और एक पल्सर मोटरसाइकिल शामिल है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये है।
पहले मामले में आरोपी दर्पण को 1 अक्टूबर 2022 को क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने सेक्टर-31 क्षेत्र से 100 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण में 26 फरवरी 2026 को उसकी लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये मूल्य की पल्सर मोटरसाइकिल को अटैच करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
दूसरे मामले में आरोपी करण को 11 अप्रैल 2022 को डिटेक्टिव स्टाफ द्वारा थाना चंडीमंदिर क्षेत्र के अंतर्गत चौकी गांव के पास से 6 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। 27 फरवरी 2026 को उसकी लगभग 5 लाख 15 हजार रुपये मूल्य की स्विफ्ट कार को भी सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस कमिश्नर का कड़ा संदेश
पंचकूला के पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि जिले में नशा तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित प्रत्येक संपत्ति को कानून के दायरे में लाकर जब्त किया जाएगा। दोनों आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने हेतु एनडीपीएस एक्ट के सक्षम प्राधिकारी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और प्रक्रिया पूर्ण होते ही विधिक रूप से संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।




