यमुनानगर। हरियाणा विधानसभा की पर्यावरण प्रदूषण विषय समिति के अध्यक्ष एवं कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के नेतृत्व में शुक्रवार को ट्विनसिटी की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं व स्थलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान समिति सदस्य एवं यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, समिति सदस्य एवं जगाधरी विधायक अकरम खान तथा समिति सदस्य एवं इंद्री के विधायक राम कुमार कश्यप भी उनके साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण का उद्देश्य जिले में पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन तथा सीवरेज व औद्योगिक अपशिष्ट के निस्तारण की वास्तविक स्थिति का आंकलन करना रहा। निरीक्षण से पूर्व समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव ने उपायुक्त प्रीति के कार्यालय में नगर निगम, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग तथा सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में समिति अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए और यमुना नहर अथवा अन्य जल स्रोतों में गंदा पानी छोड़ा जाना पूरी तरह रोका जाए।
बैठक के उपरांत समिति ने सबसे पहले कैल कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया। यहां कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण तथा निस्तारण की प्रक्रिया का जायजा लिया गया। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार, कार्यकारी अभियंता नरेंद्र सुहाग व सहायक अभियंता राकेश जून ने बताया व प्लांट में शेड व धरातल पक्का करने की जानकारी दी।  इसके बाद समिति ने पुराना हमीदा हेड का निरीक्षण कर वहां से गुजरने वाले जल की स्थिति और संभावित प्रदूषण के स्रोतों की जानकारी ली। साथ ही पुराना हमीदा के साथ खाली जमीन के बारे में जानकारी मांगी।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार, एक्सईएन नरेंद्र सुहाग ने बताया कि यहां जल्द ही 6.14 करोड़ की लागत से भव्य पार्क विकसित होगा। इसके उपरांत समिति सरस्वती शुगर मिल के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंची, जहां औद्योगिक अपशिष्ट जल के ट्रीटमेंट की प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
समिति सदस्यों ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मील से निकलने वाला पानी पूरी तरह से मानकों के अनुरूप ट्रीट होने के बाद ही बाहर छोड़ा जाए और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।  सीएसआर से धार्मिक स्थलों पर बैग सिलवा कर रखवा दें ताकि पॉलीथिन का उपयोग कम हो। समिति ने जम्मू कॉलोनी स्थित निर्माणाधीन 77 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया।
समिति सदस्य एवं यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ट्रीटमेंट प्लांटों का नियमित ऑडिट कराया जाए, जल की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच हो तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, वहीं जगाधरी विधायक अकरम खान और इंद्री विधायक राम कुमार कश्यप ने भी अधिकारियों से पर्यावरण नियमों के सख्त अनुपालन और नियमित निरीक्षण व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया। इसके उपरांत समिति ने कलेसर वन क्षेत्र का भी दौरा किया।
इस मौके पर उपायुक्त प्रीति, एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता दिनेश गाबा, कार्यकारी अभियंता सौरव अहलावत,  डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर पर्यावरण प्रदूषण विषय समिति ने कलेसर नेशनल पार्क में की जंगल सफारी

पर्यावरण प्रदूषण विषय समिति द्वारा कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी भी की गई। इस सफारी में विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायक, प्रशासनिक अधिकारी तथा वन्य प्राणी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य वन्य जीवन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक तकनीक के माध्यम से जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेना रहा।

समिति के अलावा उनके साथ यमुनानगर की उपायुक्त प्रीति भी पूरे कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहीं। सभी अतिथियों ने जंगल सफारी के दौरान कलेसर नेशनल पार्क की प्राकृतिक सुंदरता, वन्य जीवों के संरक्षण की व्यवस्थाओं तथा वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया।

इस अवसर पर सीएफ वाइल्ड लाइफ बी निवेदिता,डीडब्लयूएलओ राजेंद्र डांगी, प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलू राम, एसडीएम रोहित कुमार, बीडीपीओ अभिषेक आनंद, तहसीलदार आनंद रावल, वाइल्ड लाइफ गार्ड सुमित कुमार, वन दरोगा अमित, वन रक्षक संदीप,  ग्राम सचिव नितिन आदि मौजूद रहे।

 

 

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