यमुनानगर।  रिर्जव फारेस्ट व वाइल्ड लाइफ सेंचुरी एरिया में हिमाचल प्रदेश के बार्डर के समीप वन्य प्राणी विभाग द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में खैर तस्कर पेड़ों का अवैध कटान करते कैद हो गए। जब विभाग द्वारा लगाए गए कैमरों की जांच की गई तो यह खुलासा हुआ। विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज करते हुए सोमवार को सीआईए टीम ने गांव चिक्कन में रेड की, उसकी कड़ियां जोड़ते हुए गांव जाटांवाला में वन विभाग व वन्य प्राणी विभाग के सहयोग से रेड कर लगभग 40 से 50 किवंटल लकड़ी बरामद की गई। लकड़ी को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय छछरौली ले आया गया, जहां उसकी गिनती जारी थी। बताया जाता है कि इसके साथ ही एक स्कोर्पियो गाड़ी को कब्जे में लिया गया है। वहीं चिक्कन गांव से चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया।

वन्य प्राणी विभाग ने वन्य जीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सेंचुरी एरिया व रिर्जव फारेस्ट में जगह-जगह कैमरे लगाए हुए हैं। इनकी फुटेज समय-समय पर चेक की जाती है ताकि वन्य प्राणियों की मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। इसी कड़ी में 8 मार्च को जब विभाग ने चिक्कन एरिया में हिमाचल बार्डर के समीप अपने कैमरों की फुटेज चेक की तो उसमें खैर तस्करों द्वारा खैर काटने का खुलासा हुआ।

कैमरे में सभी आरोपियों के चेहरे सामने नजर आए।जिनमें कुछ लोग चोरी से काटी गई लकड़ी ले जाते हुए दिखाई दिए। तस्वीरों में आरोपियों के कंधों पर कुल्हाड़ी तथा हाथ में आरा (आरी) भी दिखाई दे रहा है। विभाग ने इस मामले में थाना प्रतापनगर में शिकायत देकर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवा दिया।

विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस मामले में सीआईए ,पुलिस ने संयुक्त रुप खैर तस्करों पर कार्रवाई की योजना बनाई। जिसमें सुबह चिक्कन गांव में रेड की गई। जहां से चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। उसके बाद गांव जाटांवाला में रेड कर कुछ घरों से बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की गई। इस कार्रवाई में सीआईए टीम के अलावा पुलिस के साथ वन

व वाइल्ड लाइफ विभाग का स्टाफ साथ रहा। लकड़ी को एक ट्राली में लाद कर छछरौली रेंज कार्यालय लाया गया, जहां पर उसकी गिनती जारी थी। बताया जाता है लकड़ी आरक्षित वन क्षेत्र के अलावा सेंचुरी एरिया से काटी गई है। जिसकी जांच की जा रही थी।

फोटो के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • काला

  • नवाब

  • कामिल

  • अदरीश

  • रमजान
    (सभी निवासी गांव चिकन)

शिकायत के आधार पर थाना प्रतापनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303 तथा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें प्रमुख रूप से धारा 2(1), 2(12B), 2(15), 2(16), 2(24A), 2(36), 2(37), 9, 26A, 27, 29, 35, 39, 50 और 51 शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार इस प्रकार की अवैध गतिविधियां वन संपदा और वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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