लखनऊ: वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने बाघ और तेंदुए के अंगों के अवैध व्यापार में शामिल 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद

यह मामला देश के सबसे बड़े वन्यजीव तस्करी अभियानों में से एक से जुड़ा है। जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों से जो बरामदगी हुई, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए थे:

  • तेंदुए के 18,000 नाखून

  • तेंदुए की 74 खालें

  • बाघ की 4 खालें

  • बाघ और तेंदुए की भारी मात्रा में हड्डियां

इन आरोपियों को हुई सजा

माननीय न्यायालय ने मुमताज अहमद, जैबुन निशा, अजीज उल्लाह, वहीद, सरताज और मजीद को दोषी पाया है। प्रत्येक दोषी को 2 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

26 साल बाद आया फैसला

सीबीआई ने यह मामला 23 मार्च 2000 को दर्ज किया था। गहन जांच के बाद जुलाई 2000 में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने माना कि ये सभी आरोपी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-I के तहत आने वाले जीवों के अवैध शिकार और तस्करी के संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे।

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