प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर निगम पंचकूला द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक में लगभग 145 करोड़ से अधिक की 16 एफडी जमा कराई गई थीं, जिनकी परिपक्वता राशि (Maturity amount) लगभग ₹158 करोड़ थी। जांच के दौरान बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड एवं नगर निगम के अभिलेखों में गंभीर अंतर पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खातों में दर्शाई गई शेष राशि अपेक्षित राशि से काफी कम है। साथ ही, कुछ ऐसे अतिरिक्त बैंक खाते भी सामने आए हैं, जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। यह स्थिति स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितताओं एवं संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है।
गिरफ्तारी एवं आरोपी की भूमिका
मामले की गहन जांच के दौरान आरोपी दिलीप कुमार राघव को गिरफ्तार किया गया है, जो घटना के समय कोटक महिंद्रा बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मुख्य आरोपियों के साथ मिल कर नगर निगम पंचकूला को एफडी से संबंधित भ्रामक एवं गलत रिपोर्ट्स भेजी, जिससे रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां उत्पन्न हुई।
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों/कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(a) व 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।




