पीसीसीएफ वन बल प्रमुख ने बनाई जांच कमेटी तो पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने भी कर दिया कमेटी का गठन
पंचकूला।
वन्य प्राणी विहार खोल- हाय- रायतन के अंतर्गत आने वाले आसरेवाली वन क्षेत्र में खैर के सैकड़ों पेड़ों के कथित अवैध कटान का मामला सामने आने के बाद वन एवं वन्य प्राणी विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की जानकारी वन मुख्यालय पहुंचने पर उच्चाधिकारियों ने दो अलग-अलग जांच कमेटियों का गठन किया है।
अगस्त 2025 से बदला था चार्ज
अगस्त 2025 में टेरिटोरियल विभाग से वाइल्ड लाइफ सेंचुरी एरिया का प्रभार वन्य प्राणी विभाग को सौंपा गया था। इसके बाद से ही आसरेवाली जंगल में खैर की अवैध कटान की चर्चाएं होती रही हैं। स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई, लेकिन न तो कोई वन अपराध रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही तत्काल कार्रवाई की गई।
वन विभाग की 7 दिन में रिपोर्ट
पीसीसीएफ (वन बल प्रमुख) ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें शामिल हैं:
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वेस्ट सर्कल हिसार के सीएफ आर. आनंद
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एम एंड ई करनाल के डीसीएफ संदीप गोयत
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रोहतक के डीडब्ल्यूएलओ राजीव गर्ग
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अंबाला एम एंड ई के आरएफओ दिनेश कुमार
कमेटी को पूरे प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट क्षेत्र का साइट निरीक्षण कर 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वेस्ट सर्कल के सभी वन मंडल अधिकारियों को सीएफ की ओर से पत्र क्रमांक 7944-49 जारी कर कहा गया है कि वह अपने-अपने मंडल के दो वन दरोगा व दो वन रक्षकों को 3 मार्च 2026 को पंचकूला रेंज कार्यालय में उपस्थित होने के लिए निर्देशित करें, यानी साइट इंस्पेक्शन में बड़े स्तर पर स्टाफ मौजूद रहेगा।
वाइल्ड लाइफ विभाग ने भी बनाई अलग समिति
27 फरवरी 2026 को पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने भी अलग से जांच कमेटी गठित की। इसमें शामिल हैं:
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सीसीएफ वाइल्ड लाइफ बी. निवेदिता
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डीडब्ल्यूएलओ रोहतक राजीव गर्ग
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वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर (कुरुक्षेत्र व यमुनानगर)
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टेरिटोरियल विभाग से नामित एक अधिकारी
इस समिति को 5 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
PLPA सेक्शन-4 क्षेत्र भी जांच के दायरे में
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि न केवल वाइल्ड लाइफ सेंचुरी क्षेत्र, बल्कि उसके साथ लगते पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (PLPA) के सेक्शन-4 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र, जो टेरिटोरियल स्टाफ के अधीन हैं, वहां भी अवैध कटान की सूचना की जांच की जाएगी, बताया जाता है कि इस एरिया में हुए अवैध कटान की मुंडियो की तस्वीरें वाइल्ड लाइफ स्टाफ तक पहुंच चुकी है।
जिम्मेदारी तय होने की संभावना
दोनों समितियों की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय होने, विभागीय कार्रवाई और वन अपराध दर्ज किए जाने की संभावना है। मामला पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर होने के साथ-साथ वन सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े कर रहा है।






