पंचकूला/चंडीगढ़:
हरियाणा सरकार के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने प्रदेश में अवैध खनन, राजस्व चोरी और खनन स्टॉक में औचक निरीक्षण और गहन जांच के लिए 6 विशेष टीमों का गठन किया था। 22 अगस्त को जारी इस पत्र के बाद इन टीमों को तीन दिन का समय रिपोर्ट सबमिट कराने के लिए दिया था। इसके बाद लगभग 15 दिन बीत जाने के बावजूद आखिर विभाग ने इस पर क्या कार्रवाई की है इसको कोई पता नहीं चला है या फिर पहले की तरह इन जांच टीमों रिपोर्ट फाइलों में दब कर रह जाएगी।
पत्र के अनुसार इन टीमों का मुख्य काम सरकारी ई-रवाना पोर्टल पर दर्ज स्टॉक के ऑनलाइन आंकड़ों और क्रशर प्लांटों व स्टॉकिस्टों के पास धरातल पर मौजूद वास्तविक माल (Ground Stock) के बीच के अंतर (Variation) की जांच करना था।
जांच के मुख्य बिंदु:
  • लीगल बाउंड्री चेकिंग: खनन केवल मंजूरशुदा लीज क्षेत्र में हो रहा है या तय सीमा से बाहर अवैध खुदाई की गई है।
  • स्टॉक वेरिफिकेशन: ऑनलाइन पोर्टल के आंकड़ों का भौतिक रूप से मौजूद माल से मिलान किया जाएगा।
  • सप्राइज रेड: पुलिस प्रशासन की प्रवर्तन (Enforcement) विंग के साथ मिलकर बिना किसी पूर्व सूचना के क्रशर प्लांटों और स्टॉकिस्टों पर छापेमारी की जाएगी।
ज़िला / क्षेत्र गठित टीम के सदस्य
पंचकूला कोमल वर्मा (सहायक भूवैज्ञानिक), निर्मला (खनन निरीक्षक), नितिका (सर्वेक्षक)
अंबाला पंकज कुमावत (खनन अधिकारी), अतुल (खनन निरीक्षक), मोहित हुड्डा (सर्वेक्षक)
करनाल व पानीपत लोकेंद्र सिंह (खनन अधिकारी), मनीषा (खनन निरीक्षक), रोहित (सर्वेक्षक)
यमुनानगर गुरजीत सिंह (खनन अधिकारी), विकास चौहान (खनन निरीक्षक), अमित गिल (ड्राफ्ट्समैन)
सोनीपत अनिल कुमार (सहायक खनन अभियंता), कोमल कुमार (खनन निरीक्षक), योगेश दहिया (सर्वेक्षक)
फरीदाबाद व पलवल रिंकू (खनन अधिकारी), अमन (खनन निरीक्षक), अमन (लिपिक)
 सभी टीमों को अपनी जांच पूरी कर आदेश जारी होने के 3 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय में जमा करानी होगी। रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या चोरी पाए जाने पर संबंधित स्टॉकिस्टों और खनन पट्टेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी। मगर 15 से 20 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक इस रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई है इसका पता नहीं चला है या फिर विभाग को सब कुछ ठीक मिला है।
यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला समेत लगभग सभी क्षेत्रों में जमकर अवैध खनन चला है, यहां तक कि जुलाई से सितंबर तक रिवर बेड में अवैध खनन पर रोक होने के बाद भी लगातार अवैध खनन हुआ है। यमुनानगर में माइनिंग एजेंसियां किसी क्रशिंग या वाशिंग यूनिट को कच्चा माल सप्लाई नहीं कर रही है केवल खरीद के फर्जी बिल भेज रही है। यानी केवल धरातल पर नहीं, पोर्टल पर भी जमकर फर्जीवाड़ा चल रहा है। ऐसे में आखिर क्या इस तरह की टीमों से अवैध खनन व फर्जीवाड़े पर लगाम लग पाएगी। पवांर स्क्रीनिंग प्लांट पर मामला दर्ज ताजा मामले से इसकी पुष्टि भी हुई है। इसके बाद बावजूद आखिर सन्नाटा क्यों पसरा हुआ है।
इस मामले में यमुनानगर के खनन अधिकारी लोकेंद्र सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि वह अभी मीटिंग में है बाद में इस संबंध में बात करेंगे। 
Sharing

Leave a Reply

error: Content is protected !!