पिंजौर/कालका:
हरियाणा वन विभाग (क्षेत्रीय रेंज कालका) सूरजपुर के जंगलों मे चल रही खैर की लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। वन विभाग की टीम ने तड़के  घेराबंदी कर खैर की लकड़ी के 18 लट्ठों से भरी एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप गाड़ी को जब्त कर लिया है। हालांकि, सरकारी गाड़ी को देखकर तस्कर गाड़ी छोड़कर घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे।
गाड़ी से मिले दस्तावेजों के आधार पर पुलिस व वन विभाग ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

तड़के 3:15 बजे मिली गुप्त सूचना, शुरू हुआ ऑपरेशन

वन विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 7 और 8 सितंबर की मध्य रात्रि को सुरजपुर ब्लॉक के वन दरोगा सरजीत सिंह, वन दरोगा गुरमीत सिंह और रखवाला बलविन्द्र सिंह क्षेत्र में रात्रि गश्त पर थे। सुबह लगभग 3:15 बजे वन टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ असमाजिक तत्व सूरजपुर जंगल के ‘R-71 C-1’ ब्लॉक में अवैध रूप से खैर के पेड़ काटकर एक पिकअप गाड़ी में लोड कर रहे हैं। सूचना मिलते ही गश्ती टीम तुरंत एक्शन मोड में आई और सरकारी गाड़ी (नंबर HR49GV-2577) से चंडी कोटला की ओर से जंगल के रास्तों की नाकाबंदी करने पहुँची।

 घेराबंदी, तस्कर गाड़ी छोड़ जंगल में भागे

सुबह करीब 3:50 बजे तस्करों की एक संदिग्ध महिंद्रा बोलेरो पिकअप (पंजीकरण संख्या HP93-3310) आती हुई दिखाई दी। वन रक्षक गुरमीत सिंह ने  अपनी सरकारी गाड़ी को तुरंत पिकअप के आगे अड़ाकर उसका रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया।
अचानक रास्ता बंद देखकर पिकअप में सवार दो तस्कर घबरा गए और गाड़ी से कूदकर दो अलग-अलग दिशाओं में घने जंगलों की तरफ भाग निकले। वन रक्षक गुरमीत सिंह ने तुरंत पास के क्षेत्र में गश्त कर रहे अन्य कर्मचारियों (वन दरोगा दीपक और वन रक्षक ज्ञानदेव) को भी मौके पर सहायता के लिए बुला लिया।

गाड़ी से मिले कागजात, आरोपी चालक व मालिक की हुई पहचान

जब वन विभाग की टीम ने जब्त बोलेरो पिकअप की तलाशी ली, तो उसमें से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए:

चालक की पहचान: गाड़ी से मिले आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोकॉपी से चालक की पहचान निवासी गाँव चक्कन, तहसील बद्दी, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई।

वाहन मालिक: गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के अनुसार वाहन का मालिक गाँव चक्कन, तहसील बद्दी, सोलन, हिमाचल प्रदेश) का है।

7 पेड़ कटे मिले, 18 लट्ठे और दस्तावेज जब्त

सुबह लगभग 6:00 बजे वन विभाग की टीम ने गाड़ी के टायरों के निशानों का पीछा करते हुए जंगल के अंदर उस स्थान को ढूंढ निकाला जहाँ पेड़ों की कटाई की गई थी।

* कटे हुए वृक्ष: घटनास्थल पर 7 खैर के बड़े पेड़ ताज़ा कटे हुए मिले (जिनका गोलाई माप/Girth 80 सेमी से 130 सेमी तक था)।

* बरामद लट्ठे: गाड़ी में खैर की लकड़ी के 18 लट्ठे (लेंथ 79 सेमी से 217 सेमी तक) बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर रेंज कार्यालय कालका पहुँचाया गया।

पर्यावरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को पहुँचाया भारी नुकसान

वन अधिकारियों के अनुसार, यह जंगल अत्यधिक सघन (Dense) है और विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास स्थल है। तस्करों ने लकड़ी काटने और उसे बाहर निकालने के लिए जंगल में रास्ता बनाने हेतु कई छोटे-छोटे पौधों और झाड़ियों को निर्ममता से काटकर नष्ट कर दिया। इससे न केवल कीमती वन संपदा की चोरी हुई है, बल्कि वन्य जीवों के प्राकृतिक घरों को भी नुकसान पहुँचा है। वन विभाग ने जीपीएस (GPS) कोऑर्डिनेट के साथ घटनास्थल की तस्वीरें व नक्शा तैयार कर लिया है।

पुलिस में एफआईआर (FIR) की सिफारिश
वन राजिक अधिकारी (रेंज कालका) ने थाना प्रबंधक पिंजौर को लिखित शिकायत भेजकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। गाड़ी मालिक और उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है:
* भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26, 32, और 33
* वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 एवं धारा 2(16)

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