
कलेसर, यमुनानगर: वन एवं वन्य जीव संपदा की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कलेसर वन्य जीव विभाग की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में करीब 15 क्विंटल अवैध खैर की लकड़ी बरामद की गई है। शुरुआती जांच के अनुसार, यह लकड़ी ‘डारपुर चिकन’ के जंगलों से अवैध रूप से काटकर लाई गई थी।
नाकाबंदी तोड़कर भागी सैंट्रो कार
विभाग को 01 सितंबर को सूचना मिली थी कि कासली गांव निवासी माजिद के घर से सिल्वर रंग की सैंट्रो कार में खैर की लकड़ी भरकर तस्करी के लिए ले जाई जाएगी। इस पर टीम ने मेघूवाला पुल के पास नाकाबंदी की। देर रात करीब 2 बजे जब संदिग्ध सैंट्रो कार वहां पहुंची, तो चालकों ने रुकने के बजाय नाका तोड़ दिया और गाड़ी को बकरवाला गांव की ओर भगा ले गए।
पीछा कर मकान पर मारा छापा, आरोपी फरार
वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कार का पीछा किया। पीछा करते हुए टीम छोटी मुजाफत गांव पहुंची, जहां एक मकान के बाहर कुछ लोग कार से लकड़ी उतार रहे थे। टीम को देखते ही आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय सरपंच और ‘डायल-112’ पुलिस टीम की मौजूदगी में मकान की तलाशी ली गई, जहां से 15 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद हुई।
इन 7 लोगों की संलिप्तता आई सामने
प्रारंभिक जांच में घटना में शामिल 7 लोगों के नाम सामने आए हैं:
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इरफान ( निवासी जाटावाला)
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महताब निवासी जाटावाला)
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आरिफ ( निवासी जाटावाला)
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शाहरुख ( निवासी जाटावाला)
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इस्ताक ( निवासी खिलावाला)
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खालिद ( निवासी बागपत)
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माजिद ( निवासी कासली)
- सलीम( निवासी छोटी मुजाफ्त)
सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
वन्य जीव विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश और लकड़ी के अवैध स्रोत का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




