प्रतापनगर, यमुनानगर।
ग्राम पंचायत कलेसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। गांव में जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है और नालियां गंदगी से लबालब होकर जाम पड़ी हैं। इतना ही नहीं, सड़कों के किनारे और खाली प्लॉटों में भारी मात्रा में कांग्रेस घास उगी हुई है, जिससे ग्रामीणों को बीमारियों का डर सता रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार सरपंच से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। गांव में गंदगी का आलम यह है कि लोगों का चलना-फिरना तक मुहाल हो चुका है।
सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि उनकी कोई नहीं सुनता
मामले को लेकर जब पंचायत पक्ष से बात की गई, तो सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि सफाई का जिम्मा तैनात सफाई कर्मचारी का है, जो अपने काम में लगातार लापरवाही बरत रहा है। उन्होंने बताया कि लापरवाही करने वाले सफाई कर्मचारी को पद से हटाने के लिए जनवरी और मार्च माह में दो बार प्रस्ताव पारित कर बीडीपीओ (BDPO) प्रतापनगर को भेजा गया था।
सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने न तो उस कर्मचारी पर कोई कार्रवाई की और न ही उसे हटाया। उल्टे पंचायत की बिना किसी सहमति या सत्यापन के कर्मचारी के खाते में वेतन भी जारी कर दिया गया।
स्वच्छ भारत मिशन के ब्लाक कोआर्डिनेटर ने भी भेजी रिपोर्ट
फरवरी 2026 में प्रतापनगर एसबीएम के ब्लाक कोआर्डिनेटर भी बीडीपीओ को भेजी रिपोर्ट में बताया कि 27 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत कलेसर का दौरा कर पाया गया कि गांव में सफाई व्यवस्था बेहद खराब है, मुख्य मार्ग पर कचरा बिखरा पड़ा है। तरल कचरे की नियमित सफाई न होने के कारण नालियां ब्लाक हुई पड़ी है। इसके साथ ही कचरा शैड में भी कचरा नहीं पहुंचाया जा रहा है। सफाई कर्मचारी को लगातार कहने पर वह अपना कार्य नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों में रोष, त्वरित कार्रवाई की मांग
प्रशासन और ब्लॉक अधिकारियों की इस अनदेखी से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व उच्च अधिकारियों से मांग की है कि कलेसर में तुरंत विशेष सफाई अभियान चलाकर जाम नालियों और कांग्रेस घास से निजात दिलाई जाए। ताकि ग्रामीणों की परेशानी दूर हो।




