यमुनानगर। वन्य जीव विभाग ने अवैध कटान एवं तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए मारुति स्विफ्ट कार में तस्करी की जा रही खैर की लकड़ी बरामद कर वाहन को कब्जे में लिया। वाहन चालक एवं उसका साथी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। लकड़ी को वन्य जीव विहार बीट डारपुर से काटा गया था, जहां पर तस्करों ने 6 पेड़ों को निशाना बनाया था।

वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि दिनांक 28 जुलाई 2026 को शाम लगभग 7:00 बजे मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि गांव रेहड़ा (इब्राहीमपुर) से खैर की लकड़ी से भरी मारुति स्विफ्ट कार गांव ताहरपुर होते हुए गांव कोट की ओर जाएगी।सूचना मिलते ही तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें नरेश कुमार, डिप्टी रेंजर,  प्रदीप, वन्य जीव रक्षक (इब्राहीमपुर) तथा प्रदीप कुमार, वन्य जीव रक्षक एवं डारपुर बीट इंचार्ज को शामिल किया गया। टीम ने गांव कोट–ताहरपुर मार्ग पर मदरसे के समीप नाकाबंदी कर दी।

रात्रि लगभग 8:40 बजे संदिग्ध मारुति स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन मोड़कर भागने का प्रयास किया। वन्य जीव विभाग की टीम ने तत्परता से पीछा किया, परंतु चालक एवं उसका साथी वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें खैर की लकड़ी के 22 टुकड़े बरामद हुए, जिनका कुल आयतन 0.419 घन मीटर पाया गया। प्रारंभिक जांच के उपरांत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दिनांक 19-07-2026 को डारपुर बीट से अवैध रूप से काटे गए 6 खैर के पेड़ों की लकड़ी का मिलान वाहन से बरामद लकड़ी से हुआ है। इससे यह पुष्टि हुई कि बरामद लकड़ी कलेसर वन्य जीव विहार के संरक्षित क्षेत्र से अवैध रूप से काटी गई थी।

जांच के दौरान वाहन के बीमा दस्तावेजों के आधार पर वाहन स्वामी संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही पूर्व में दर्ज शिकायत एवं जांच के आधार पर गांव रेहड़ा (इब्राहीमपुर) निवासी लियाकत , ताज मोहम्मद, हाशिम तथा साजिद , तहसील छछरौली, जिला यमुनानगर को नामजद किया गया है। मामले में इन आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।

वन्य जीव विभाग द्वारा वाहन, बरामद खैर की लकड़ी एवं अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर थाना छछरौली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत अभियोग दर्ज करवाने हेतु शिकायत भेज दी गई है।

वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम ने कहा कि वन्य जीव विहार एवं संरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटान, वन संपदा की तस्करी तथा वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वन एवं वन्य जीवों से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि प्रदेश की वन संपदा एवं जैव विविधता का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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