अम्बाला।अम्बाला जिले के गांव धन्यौड़ा में मंगलवार प्रात: करीब 6.30 बजे एक मनजीत सिंह का चार वर्षीय बेटा खेतों में बने बोरवेल मे गिर गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया था। उपायुक्त अजय सिंह तोमर व एसडीएम अम्बाला छावनी ने भी मौके पर पहुंचकर तमाम गतिविधियों का जायजा लिया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना की टीमों के साथ-साथ जिला प्रशासन की रैस्क्यू टीम के माध्यम से बच्चे को बोरवेल से निकालने का कार्य कर रही है।
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि प्रात: मनजीत सिंह अपने चार वर्षीय बेटे को लेकर खेतों में अपने दादा को रोटी देने के लिए गया था। उस समय बच्चा खेलते-खेलते अचानक यहां पर पुराने बोरवेल जिसकी गहराई लगभग 220 फीट थी उसमें गिर गया। इसकी सूचना जैसे ही जिला प्रशासन को मिली, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां पर एसडीआरएफ व एनडीआरएफ व आपातकालीन सेवाओं से सम्बन्धित टीमों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए और कुछ ही देर में उपायुक्त व एसडीएम भी मौके पर पहुंचे।

उपायुक्त ने इस दौरान घटना के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की और पिता मनजीत सिंह इस इस घटना के चलते बेसुध हो गया था उससे बातचीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि बच्चे को बोरवेल से सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। इस मौके पर एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम ने उपकरणों व मशीनरी के माध्यम से बच्चे को रैस्क्यू करने का कार्य शुरू कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को मनजीत सिंह व उसके पिता करनैल सिंह के स्वास्थ्य की जांच करने के निर्देश दिए, क्योंकि घटना के बाद दोनों का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। इसके अलावा अग्रिशमन विभाग की टीम व अन्य टीमें भी मौके पर पहुंचकर रैस्क्यू टीमों का सहयोग कर रही थी।

उपायुक्त ने इस मौके पर यह भी बताया कि जिस खेत में यह बोरवेल था उस बोरवेल को खुला छोडऩे पर सम्बन्धित के खिलाफ पुलिस को नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए आग्रह किया कि कोई भी किसान अपने खेतों में बोरवेल को खुला न छोड़े। उन्होने यह भी कहा कि यदि यहां पर बोरवेल ढका होता या उस पर जाली लगी होती तो यह घटना न होती।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची जिला प्रशासन की टीमें
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीमें रेस्क्यू कार्य में जुट गई थी। जिस बोरवेल में यह घटना हुई वहां पर नीचे आधुनिक डिजीटल कैमरा ऑपरेट करके उपकरणों के माध्यम से पूरी सावधानी व सर्तकता के साथ बच्चे को निकालने का कार्य किया जा रहा था। समाचार लिखे जाने तक रैस्क्यू ऑप्रेशन जारी है।
इस मौके पर एसडीएम कनिका गोयल, डीडीपीओ दिनेश शर्मा, बीडीपीओ किन्नी गुप्ता, पीएमओ डा. पूजा, कार्यकारी अभियंता साहिल शर्मा, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार, सरपंच धन्यौड़ा कप्तान सिंह के साथ-साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व जिला प्रशासन की आपातकालीन से सम्बन्धित टीमों से सम्बन्धित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

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