प्रतापनगर (यमुनानगर) कलेसर खैरवैली क्षेत्र में खड़े खैर के कीमती पेड़ों को अवैध रूप से काटने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO), प्रतापनगर ने थाना प्रबंधक को पत्र लिखकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यहां पर दो माह के अंदर चौथी बार अवैध कटान की घटना हो चुकी है। मगर वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

गुप्त सूचना पर हुआ खुलासा

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कलेसर को 11 जून 2026 को  लगभग 9:15 बजे सुबह एक गुप्त सूचना मिली थी कि खैरवैली में पंचायती भूमि पर खैर के पेड़ों का अवैध कटान किया जा रहा है। रात को वहां पर अवैध कटान हुआ है। सूचना मिलते ही सरपंच प्रतिनिधि ने तुरंत वन दरोगा संदीप से फोन पर संपर्क किया, लेकिन वन दरोगा ने ऐसी किसी भी अवैध कटाई से इनकार कर दिया।

मौके पर कटे मिले पेड़, एक पेड़ की लकड़ी गायब

वन दरोगा के इनकार के बाद जब सरपंच प्रतिनिधि और ग्राम सचिव ने स्वयं खैरवैली जाकर मौके का मुआयना किया, तो वहां तैनात बीट इंचार्ज गुरप्रीत मिले। जांच के दौरान मौके पर खैर के दो पेड़ अवैध रूप से कटे हुए पाए गए। इनमें से एक पेड़ की लकड़ी को अज्ञात चोर पहले ही उठा ले गए थे, जबकि दूसरे कटे हुए पेड़ की लकड़ी को बीट इंचार्ज गुरप्रीत ने मौके पर ही जब्त कर लिया।

बीडीपीओ ने पुलिस और वन विभाग को लिखा पत्र

ग्राम पंचायत कलेसर द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने थाना प्रबंधक को लिखा है कि:

  • अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।

  • आरोपियों का पता लगाकर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

इन अधिकारियों को भी भेजी गई प्रति: इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी प्रति उपायुक्त (यमुनानगर), उपमण्डल अधिकारी (छछरौली), जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, और जिला वन अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। इसके साथ ही वन राजिक अधिकारी (रेंज कलेसर) को कटे हुए खैर के पेड़ों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट जल्द से जल्द कार्यालय में सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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