यमुनानगर, 29 मई: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज यमुनानगर में जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कड़े तेवर दिखाए। जनता की शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते हुए कैबिनेट मंत्री ने अवैध कॉलोनियों के निर्माण और भूमि रजिस्ट्री में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जगाधरी भूमि रजिस्ट्री मामले में दोषी पाए गए नगर निगम के अधिकारी पर गाज गिराते हुए तुरंत एफआईआर और गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अवैध कॉलोनियां काटने के मामले में संबंधित रजिस्ट्रारों पर भी मुकदमा दर्ज करने को कहा है।
इस बैठक में कुल 15 शिकायतें (परिवाद) रखी गई थीं, जिनमें से ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सख्त रुख अपनाते हुए 7 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया और शेष 8 मामलों को अगली बैठक तक हल करने के निर्देश दिए।
पूरी खबर का बिंदुवार (Point-by-Point) विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
1. जगाधरी भूमि रजिस्ट्री मामला: नगर निगम अधिकारी की गिरफ्तारी के आदेश
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शिकायतकर्ता और मामला: एचएसवीपी (HSVP) के सेक्टर-17, जगाधरी निवासी महेंद्र तनेजा ने प्रॉपर्टी आईडी की भूमि के एक टुकड़े को नियमों के खिलाफ जाकर अप्रूव करने और उसकी रजिस्ट्री किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
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जांच रिपोर्ट: इस मामले की गहन जांच अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) नवीन आहूजा द्वारा की गई, जिन्होंने बैठक में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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मंत्री का एक्शन: जांच रिपोर्ट के आधार पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि नगर निगम के संबंधित सहायक अभियंता (Assistant Engineer) दीपक सुखीजा के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई जाए।
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स्थानांतरण के बावजूद गिरफ्तारी: चूंकि सहायक अभियंता दीपक सुखीजा का तबादला हो चुका है, इसलिए कैबिनेट मंत्री ने पुलिस अधीक्षक (SP) को सीधे निर्देश दिए कि मामला दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
2. अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार और रजिस्ट्रारों पर एफआईआर
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शिकायतकर्ता और मामला: बसंत नगर, जगाधरी निवासी विजयदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि बसंत नगर जगाधरी के पास एचएसवीपी की जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही है, जिस पर डीटीपी (DTP) और नगर निगम यमुनानगर द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई। इस पर एसडीएम जगाधरी ने प्रशासनिक पक्ष रखा।
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सरकार को राजस्व हानि: मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए अनिल विज ने कहा कि अवैध कॉलोनियां काटे जाने की वजह से लोग बाद में बिजली, पानी व अन्य बुनियादी सुविधाएं सरकार से मांगते हैं, जिससे सरकार को भारी राजस्व की हानि होती है। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही।
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मंत्री का एक्शन: उन्होंने उपायुक्त (DC) को निर्देश दिए कि वर्तमान में जो भी अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं, उन पर डीटीपी (जिला नगर योजनाकार) द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी पूरी जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने साफ आदेश दिया कि जिस भी रजिस्ट्रार ने इन अवैध कॉलोनियों में जमीनों की रजिस्ट्री की है, उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज करवाया जाए।
3. विभिन्न विभागों से जुड़ी अन्य शिकायतें और मंत्री के निर्देश
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आरोपियों की गिरफ्तारी का मामला (लवाना गांव): गांव लवाना (थाना छप्पर) निवासी अनिल कुमार ने आरोपियों को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार करने के संबंध में शिकायत रखी। इस पर कार्रवाई करते हुए ऊर्जा मंत्री ने पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए कि वे गांव के सरपंच, पार्षद और मौजिज (गणमान्य) व्यक्तियों के सामने शिकायतकर्ता और गवाहों के स्टेटमेंट (बयान) लिखवाएं।
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केमिकल युक्त गंदे पानी से फसल खराबा: गांव फतेहपुर (तहसील जगाधरी) निवासी परविंदर काम्बोज ने शिकायत की कि जगाधरी शहर का केमिकल युक्त गंदा पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की पाइपलाइन से लगातार लीक हो रहा है, जिससे उनकी फसल पूरी तरह खराब हो गई है। उन्होंने मुआवजे की मांग की। इस पर विज ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) जगाधरी को आदेश दिए कि वे जांच करें कि पाइप में लीकेज कैसे हुआ और इसके लिए जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।
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फसल चोरी का मामला: गांव देवधर निवासी राजेंद्र कुमार ने अपनी फसल चोरी होने और पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने की शिकायत की। पुलिस विभाग द्वारा इस पर अपनी रिपोर्ट पेश की गई, जिसके बाद ऊर्जा मंत्री ने एसडीएम और डीएसपी छछरौली को संयुक्त रूप से जांच कर शिकायतकर्ता को पूर्ण संतुष्टि दिलाने के निर्देश दिए।
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सरकारी तालाब निर्माण की बकाया राशि: यमुनानगर निवासी सुभाष चंद ने सरकारी तालाब के नवनिर्माण व विकास कार्य की लंबित राशि का भुगतान न होने की शिकायत रखी। बैठक में मौजूद कार्यकारी अभियंता ने मंत्री के सामने अपना पक्ष रखा और आश्वासन दिया कि एक महीने के अंदर-अंदर शिकायतकर्ता की बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
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अवैध कब्जा हटाना: लाल द्वारा कॉलोनी निवासी रूढ़ सिंह ने अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के संबंध में शिकायत दी। बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता ने इस पर अपनी रिपोर्ट दी, जिसके बाद ऊर्जा मंत्री ने जगह की पूरी निशानदेही करवाकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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गैस एजेंसी की ब्लैक मार्केटिंग और फर्जी एंट्री: गांव लवाणी (कलावड़) निवासी सिंह राम ने एक गैस एजेंसी द्वारा फर्जी सिलेंडर एंट्री करने और ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) करने की गंभीर शिकायत दी। इस मामले में डीएफएससी (DFSC) ने अपना पक्ष रखा। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) की अध्यक्षता में एक संयुक्त कमेटी का गठन करने के आदेश दिए, जो गैस एजेंसी के सारे रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करेगी।
4. मौके पर ही निपटाए गए 7 प्रमुख परिवाद (मामले)
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने जनता को राहत देते हुए निम्नलिखित 7 मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया:
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सीवरेज की समस्या (मधुबन कॉलोनी): मधुबन कॉलोनी, जगाधरी निवासी मनजीत कौर ने सीवरेज ब्लॉक होने की समस्या रखी थी। जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि इस पर कार्रवाई करते हुए सीवरेज की सफाई का कार्य पूरा करवा दिया गया है।
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सड़क दुर्घटना मामला (डारपुर): गांव डारपुर, छछरौली निवासी हुसैनदीन ने शिकायत की थी कि उनके बेटे तारीफ को ट्रैक्टर-ट्रॉली से दुर्घटनाग्रस्त कर घायल करने वाले आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई। ऊर्जा मंत्री ने एसपी को निष्पक्ष जांच कर समाधान करने के निर्देश दिए।
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एकता विहार मामला: एकता विहार कांसापुर निवासी चरणजीत सिंह की शिकायत पर भी ऊर्जा मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच करवाकर तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।
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मृत्यु प्रमाण पत्र (कांसली): कांसली निवासी जयपाल ने अपनी पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) न बनने की समस्या रखी थी, जिसका मौके पर ही निवारण कर दिया गया।
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फैक्ट्री प्रदूषण पर सीलिंग की कार्रवाई (चुहड़पुर कला): चुहड़पुर कला निवासी इकबाल सिंह ने शिकायत दी कि गांव में स्थित एक फैक्ट्री में कच्चा पत्थर पीसने से हवा में भारी मात्रा में डस्ट (धूल) उड़ती है, जिससे प्रदूषण फैल रहा है। ऊर्जा मंत्री ने क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को तुरंत फैक्ट्री की जांच करने और उसे सील करने के कड़े निर्देश दिए।
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पीने के पानी की समस्या (फतेहपुर): गांव फतेहपुर (तहसील जगाधरी) निवासी सरपंच अरविंद कुमार ने गांव में पीने के पानी की किल्लत को दूर करने के लिए नई पाइपलाइन बिछवाने की मांग की थी। विभाग ने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पाइपलाइन बिछाकर इस समस्या का पूरी तरह समाधान कर दिया गया है।
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स्पीड ब्रेकर निर्माण (रसूलपुर): गांव रसूलपुर निवासी सुरेंद्र ने गांव की सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगवाने की मांग रखी थी। बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बताया गया कि ब्रेकर निर्माण के लिए टेंडर लगा दिया गया है और इस कार्य को 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि
इस महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री के साथ प्रशासनिक अमला और कई राजनीतिक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
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प्रशासनिक अधिकारी: उपायुक्त (DC) प्रीति, पुलिस अधीक्षक (SP) कमलदीप गोयल, नगर निगम आयुक्त महावीर प्रसाद, अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) नवीन आहूजा, जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, व्यासपुर के एसडीएम डॉ. कुलदीप सिंह, छछरौली के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, रादौर के एसडीएम नरेंद्र कुमार, सीटीएम पीयूष गुप्ता और डीआईपीआरओ (DIPRO) डॉ. मनोज कुमार।
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जनप्रतिनिधि व अन्य गणमान्य: यमुनानगर के विधायक घनश्यामदास अरोड़ा, साढौरा की विधायिका रेणु बाला, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी, जिला परिषद के चेयरमैन रमेश ठसका, मार्केट कमेटी यमुनानगर के चेयरमैन राकेश त्यागी सहित जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति के सभी सरकारी व गैर-सरकारी सदस्य।



