पिंजौर, पंचकूला। वन विभाग की मोरनी- पिंजौर डिविजन की पिंजौर रेंज के पिंजौर ब्लाक की भवाना बीट में हुए खैर के अवैध कटान के मामले में वन दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। 17 मई को भवाना बीट डीपी 235 गांव जैथल के पास खैर की लकड़ी का अवैध कटान व छिलाई पाई गई। मौके से पांच पेड़ का कटान बताया जा रहा है। जिसकी लकड़ी के 23 पीस बरामद हुए। डीएफओ ने बताया कि इस मामले में आरोपियों की पहचान हो गई है उनकी शिकायत पुलिस को की गई है।
मोरनी-पिंजौर डिविजन के पिंजौर रेंज की भवाना बीट में अवैध कटान की सूचना मिलने पर वन विभाग का स्टाफ मौके पर पहुंचा तो उन्हें वहां पर छिली हुई खैर की लकड़ी के पीस बरामद हुए। जिसको कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी गई। बताया जाता है कि यह लकड़ी कुल पांच खैर के पेड़ों की थी। मगर मौके से खैर की केवल एक मुंडी दिखाई दी। इस मामले में वन राजिक अधिकारी द्वारा मौका करने के पश्चात वन अपराध रिपोर्ट 054/0019 दिनांक 17 मई 2026 को दर्ज की गई रिपोर्ट में यह भी अंकित किया गया कि वन दरोगा को दूरभाष पर संपर्क करने के पश्चात वह मौके पर नहीं पहुंचे। इसी आधार पर कर्तव्य में कोताही, आदेशों की अवहेलना, वन संपदा की सुरक्षा में लापरवाही व हैडक्वार्टर मेंटेन न करना को कारण बताते हुए डीएफओ की रिपोर्ट के आधार पर वन सरंक्षक उतरी परिमंडल ने वन दरोगा को सस्पेंड कर दिया व उसका मुख्यालय उप वन सरंक्षक कुरुक्षेत्र निर्धारित किया गया। वन दरोगा स्पैशल डियूटी रामपाल को पिंजौर ब्लाक का चार्ज लेने के आदेश दिए गए हैं।
इस मामले में बताया जाता है कि जिस एरिया में खैर का यह अवैध कटान हुआ है वह एरिया हिमाचल प्रदेश बार्डर एरिया के पास ही पड़ता है, लेकिन इतनी आराम से कटान के बाद खैर की जंगल में ही छिलाई होना भी कम संदेहास्पद नहीं है। जिस गार्ड के पास इस एरिया का चार्ज है क्या उसकी जवाबदेही नहीं है। केवल गार्ड-दराेगा ही क्यों। रेंज अधिकारी की भी जवाबदेही है कि वह अपने एरिया व स्टाफ पर नजर रखे, कि आखिर क्या चल रहा है। बताया जाता है कि मौके से अभी एक ही खैर की जड़ दिखाई दी।
इस मामले में डीएफओ विशाल कौशिक ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो गई है। उनके नाम सहित पुलिस को शिकायत दी गई है। इस मामले में विभागीय स्तर पर भी गंभीरता से जांच की जाएगी।




