ताजेवाला, यमुनानगर। प्रतापनगर खंड स्थित ग्राम पंचायत ताजेवाला में अवैध खनन का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) ने जिला खनन अधिकारी को पत्र लिखकर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं । ताजेवाला पंचायत द्वारा बार-बार प्रस्ताव पारित कर गुहार लगाने के बावजूद खनन विभाग की सुस्ती से अब ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। वहीं पंचायत ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि अवैध खनन यमुना नदी की पटरी के समीप हो रहा है, यानी केवल खनन विभाग नहीं, बल्कि सिंचाई विभाग की लापरवाही भी प्रतीत हो रही है।
मामले की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि BDPO प्रतापनगर ने पत्र (क्रमांक 3175) में साफ़ तौर पर विभाग को पहले भी पत्र भेजे जाने की याद दिलाई है । विभाग को सूचित किया गया कि इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को भी पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। मगर फिर भी अवैध खनन चल रहा है।
ग्राम पंचायत ताजेवाला ने अपने प्रस्ताव संख्या 01, दिनांक 01 मई 2026 में खुलासा किया है कि कुछ लोग अपनी निजी भूमि में लगातार अवैध खनन कर रहे हैं । यह खुदाई यमुना नदी के बिल्कुल करीब की जा रही है । स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर इस खनन को तुरंत नहीं रोका गया, तो आने वाले बरसात के मौसम में नदी का पानी सीधा आबादी वाले इलाकों में घुस जाएगा, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है ।
खनन विभाग की निष्क्रियता को देखते हुए इस मामले में उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) को भी पत्र भेजा गया है। BDPO ने प्रवर्तन ब्यूरो से अपने स्तर पर कानूनी कार्यवाही करने का अनुरोध किया है ताकि माफिया पर लगाम कसी जा सके ।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या खनन विभाग अपनी जिम्मेदारी समझेगा या फिर ताजेवाला के ग्रामीणों को बाढ़ और तबाही के साये में जीने के लिए यूँ ही छोड़ दिया जाएगा?




