नारायणगढ़: 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद जिस बात का डर सता रहा था, 1 मई की सुबह आंख खुलते ही वहीं खबर मिल गई। चुनाव के बाद तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमत में भारी इजाफा कर दिया है। इससे मई महीने में महंगाई का बहुत बड़ा झटका लगा है। 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर करीब 1000 रुपये तक महंगा हो गया है। कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा किया गया है। अब यह सिलेंडर 3071.50 रुपये का मिलेगा। पिछले महीने इस सिलेंडर के लिए 2078.50 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। सरकार के इस कदम से छोटे दुकानदार , रेस्टोरेंट संचालक बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गए हैं।
यह बात वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक कुमार मेहता ने कही। उन्होंने कहा कि फरवरी में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 49 रुपये की बढ़ोतरी की गई। 1 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर के दाम 28-31 रुपये बढ़े। 7 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 114.50 रुपये बढ़ी।1 अप्रैल 2026 को कमर्शियल सिलेंडर 195 रुपये महंगा हुआ और अब लगभग 1 हजार रुपए बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि छोटे रेहड़ी वालों की महीने में करीब 5 से 30 सिलिंडर की खपत होने से उन पर सीधे 5 से 30 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। अगर वे थाली के दाम बढ़ाते हैं तो ग्राहक कम हो जाते हैं और नहीं बढ़ाते तो घाटा उठाना पड़ता है।
अशोक मेहता ने कहा कि स्थिति और गंभीर है, जहां महंगे सिलिंडर के साथ-साथ सप्लाई की समस्या भी सामने आ रही है। उनकी अनेक दुकानदारों से बात हुई जिन्होंने बताया कि ऑर्डर देने के बावजूद समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा। कई जगह ब्लैक में सिलिंडर खरीदने की नौबत आ गई है। मोहाली में कुछ ढाबों ने काम का समय घटा दिया है इसका सबसे बड़ा खामियाजा छोटे कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि अगर गैस की कीमतों में राहत नहीं मिली या सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम और बढ़ सकते हैं। इसका असर सीधे महंगाई दर और लोगों की जेब पर पड़ेगा।
अशोक मेहता ने कहा कि यह सिर्फ महंगाई नहीं, आम लोगों के साथ सीधा अन्याय है। जब कीमतें कम थीं तब एजेंसियों ने भारी मुनाफा कमाया, लेकिन राहत नहीं दी। अब पूरा बोझ जनता पर डालना गलत है, सरकार को हस्तक्षेप कर संतुलन बनाना चाहिए। चुनाव खत्म होते ही कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ाना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है। इससे उद्यमियों, मध्यम वर्ग और गरीबों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। सरकार को तुरंत राहत उपाय लागू कर आम लोगों को महंगाई से बचाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पहले दूध, तेल और राशन महंगा हुआ था, अब गैस ने पूरी तरह से कमर तोड़ दी है। छोटे दुकानदार के लिए रोज का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है, ऐसे में अगर हालात ऐसे ही रहे तो दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ सकती है।




