-अम्बाला व पंचकूला में 6 मामले पहले से दर्ज, यमुनानगर में भी शिकायतें दर्ज
पंचकूला। पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस गिरोह ने ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर एक युवक से 12 लाख रुपये ठग लिए और उसे फर्जी वीजा थमा दिया।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि हमारी एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 मार्च को पहले आरोपी अंबाला निवासी हरप्रीत को लुधियाना से गिरफ्तार किया, आरोपी को 18 मार्च को कोर्ट में पेश कर 6 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। रिमांड के दौरान की गई पूछताछ के दौरान पुलिस ने 19 मार्च को अन्य आरोपी हरभजन व उसकी पत्नी नेहा तथा चिराग नरुला को गिरफ्तार कर 20 मार्च को कोर्ट में पेश कर 4 दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर पूछताछ कर अन्य आरोपियों की तलाश जारी रखी। यह मामला पंचकूला के सैक्टर-5 थाना में 27.02.2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 308(3), 338, 340, 316(2), 318(4) दर्ज किया गया था।
लुधियाना, पंजाब वासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा पर जाना चाहता था। इसी दौरान वह अपने रिश्तेदार के साथ अम्बाला स्थित एक इमिग्रेशन ऑफिस में गया, जहां उसकी मुलाकात हरभजन सिंह, हरप्रीत उर्फ बम्पी, चिराग और नेहा से हुई। आरोपियों ने उसे विश्वास में लेकर ऑस्ट्रेलिया भेजने का भरोसा दिया 12 लाख रुपये में वीजा लगवाने की बात तय की।
आरोपियों ने योजना के तहत पहले पीड़ित का पासपोर्ट व दस्तावेज लिए और बाद में उसे बताया कि उसका वीजा लग चुका है। इसके बाद 08 नवंबर 2025 को पंचकूला सेक्टर-05 स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाकर आरोपियों ने उससे 12 लाख रुपये नकद ले लिए और उसे एक फर्जी वीजा थमा दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने वीजा को ऑनलाइन भी चेक करवाया। वीजा मिलने के बाद पीड़ित ने लगभग 5 लाख रुपये खर्च कर टिकट, होटल बुकिंग और अन्य व्यवस्थाएं कर लीं, लेकिन बाद में जांच करने पर वीजा फर्जी निकला।
इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। जांच के दौरान पुलिस ने व्हाट्सएप चैट, बैंक स्टेटमेंट, फर्जी वीजा दस्तावेज जैसे अहम साक्ष्य जुटाए। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने पहले आरोपी हरप्रीत सिंह को लुधियाना से गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों हरभजन सिंह, चिराग और नेहा को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपस में मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत यह ठगी की थी। इस मामले में 2 आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार रेड की जा रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान 3 लाख 35 हजार कैश, 5 मोबाइल व दस्तावेज बरामद किए है। आरोपियों द्वारा घटना स्थल की निशानदेही भी करवाई गई है। फिलहाल सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद उन्हें आज न्यायिक हिरासत भेज दिया है।
डीसीपी ने एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट के इंचार्ज इंस्पेक्टर योगवेन्द्र सिंह, जांच अधिकारी एएसआई दीपक सहित पूरी टीम के सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि टीम की सतर्कता, मेहनत और पेशेवर कार्यशैली के चलते न केवल इस मामले का सफल खुलासा हुआ है, बल्कि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है।




