यमुनानगर: जिला प्रशासन ने अवैध खनन माफियाओं और ड्यूटी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त प्रीति के दिशा-निर्देशों पर खनन विभाग की टीमें दिन-रात मुस्तैदी से जांच अभियान चला रही हैं।
ड्यूटी में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई सहायक खनन अभियंता डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बेलगढ़ क्षेत्र में हजारा प्लांट के पास 11 मार्च की रात से 12 मार्च की सुबह तक अवैध खनन होने का मामला सामने आया है। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात तीन खनन रक्षकों ने न तो मौके की जीपीएस रीडिंग ली और न ही उच्च अधिकारियों को फोटोग्राफ्स या रिपोर्ट भेजी।
एसडीएम छछरौली रोहित कुमार की रिपोर्ट के आधार पर इन कर्मचारियों की कार्यशैली को संदिग्ध माना गया है। विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दो स्क्रीनिंग प्लांटों पर चोरी का आरोप विभाग की एक अन्य जांच में गांव सवाबडी और शेरपुर सीमा के पास लगती भूमि से तीन अलग-अलग जगहों से बोल्डर, ग्रेवल और रेत की चोरी पाई गई है। जीपीएस रिपोर्ट के अनुसार, इस अवैध खनन में रानीपुर एरिया के दो स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों और कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है।
अधिकारियों की चेतावनी डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनन क्षेत्रों की निगरानी और तेज कर दी गई है और भविष्य में अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति या लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।



