गुरुग्राम । राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में तत्कालीन आबकारी एवं कराधान विभाग, गुरुग्राम की निरीक्षक सुमित्रा गोदारा तथा आबकारी एवं कराधान अधिकारी रोशन लाल को दोषी ठहराते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुनील कुमार दिवान (न्यायालय गुरुग्राम) ने दिनांक 09.01.2026 को धारा 7 एवं 13(1)(B) सहपठित 13(2) पी.सी. एक्ट के अंतर्गत 5-5 वर्ष के कारावास तथा 1-1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता के GST नंबर जारी करने के बदले आरोपियों द्वारा 2,00,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने दोनों अधिकारियों को शिकायतकर्ता से 2,00,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

इसी मामले में पवन (लिपिक) को भी न्यायालय द्वारा दोषी माना गया है और उसे भी धारा 7 एवं 13(1)(B) सहपठित 13(2) पी.सी. एक्ट में 5 वर्ष के कारावास तथा 1,00,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

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