चिक्कन में घरों की तलाशी: पांच आरोपियों के खिलाफ थाना प्रतापनगर में एफआईआर
यमुनानगर। कलेसर वन क्षेत्र की चिक्कन बीट में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और चोरी के मामले में वन्य प्राणी विभाग व पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते जांच अभियान चलाया, जिसमें बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद हुई, जिसको कब्जे में ले लिया गया। वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर की शिकायत के बाद पुलिस ने गांव चिक्कन के पांच आरोपियों के खिलाफ बीएनएस व वाइल्ड लाइफ की कई धाराओं में मामला दर्ज किया।
एफआईआर के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को सुबह करीब 7 बजे दरोगा हुकम चंद चिक्कन बीट के वन क्षेत्र में गश्त पर थे। इस दौरान कई जगह गहरे गडढे दिखाई दिए जहां से खैर के पेड़ों को मुंडियों सहित उखाड़ लिया गया था। इसके बाद हुक्मचंद को सूचना मिली कि इन सात पेड़ों की कटाई में चिक्कन गांव के आलमगीर, आशिक व अदरीश, मुरसलीन व दीनमोहम्मद शामिल है व चोरी की लकड़ी आशिक के घर छुपा कर रखी गई है।
सूचना पाकर वाइल्ड लाइफ इंसपेक्टर लीलू राम ने थाना प्रतापनगर पुलिस को साथ लेकर आरोपी के घर पर रेड की। रेड के दौरान आरोपी आशिक घर पर नहीं था व घर के एक कमरे से खैर के पीस, तीन मुंडिया व एक आरापत्ती बरामद हुई। इसके बाद पूरे चिक्कन गांव में सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें गांव के पास एक खेत में खैर की चार मुंडिया ओर बरामद हुई। बरामद किए हुए माल को कांसली हैडक्वार्टर पर लाया गया। गिनती के बाद खैर के टुकडों की संख्या 71 थी।
मामले में आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2(1), 12(B), 2(15), 2(24A), 2(36), 2(37), 9, 26(A), 27, 29, 39, 50 व 51 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही BNS की धारा 303 भी जोड़ी गई है। थाना प्रतापनगर में एफआईआर नंबर 02/2026 (दिनांक 08.01.2026) दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वन्य प्राणी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जंगलों में अवैध कटाई और वन संपदा की चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





