कलेसर, यमुनानगर। देवधर पीएफ (प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट) क्षेत्र से खैर तस्करों ने 14 पेड़ काट लिए।  सूचना मिलने पर फारेस्ट स्टाफ ने लकड़ी से लदी गाड़ी को तो काबू कर लिया, मगर आरोपी फरार होने में सफल हो गए।

 रिपोर्ट के अनुसार 30 दिसंबर 2025 को रात लगभग 2 बजे वन रेंज में तैनात वन रक्षक को सूचना प्राप्त हुई कि देवधर पीएफ क्षेत्र से खैर की लकड़ी का अवैध कटान कर उसे बाजार में बेचने के लिए ले जाया जाएगा। सूचना मिलने पर फारेस्ट स्टाफ ने टीम का गठन किया व देवधर जंगल की छानबीन शुरु कर दी।

सुबह लगभग साढ़े तीन बजे बल्लेवाला से बेलगढ़ जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक सफेद रंग का टैंपो आता दिखाई दिया। जब टैंपों को रुकने का इशारा किया गया तो टैंपों ड्राइवर व उसके अन्य साथी टैंपो छोड़ कर भागने लगे। भागते हुए उनकी पहचान इरशाद, सुक्खा, मांडा, उस्मान खिजरी के रुप में हुई। इसके साथ ही जाटांवाला का कौशिक भी उनके साथ था।

इसके बाद कर्मचारियों ने टैंपू के पास जाकर देखा तो उसमें लकड़ी लदी हुई थी। जंगल में छानबीन करने पर वहां खैर के 14 पेड़ों की मुंडिया मिली। रेंज कार्यालय में गाड़ी की जांच करने पर उसमें 33 लटठे खैर के मिले।  मौके पर माप करने पर लकड़ी का कुल वॉल्यूम 1.842 घन मीटर पाया गया।

वन विभाग के अनुसार यह कृत्य भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 32, 33 के अंतर्गत अपराध है। देवधर पीएफ क्षेत्र संरक्षित वन क्षेत्र की श्रेणी में आता है, जहां से बिना अनुमति लकड़ी काटना एवं परिवहन करना कानूनन प्रतिबंधित है।

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