-कंड्रोली में सड़क किनारे पापुलर के 70 पेड़ों के अवैध कटान का मामला
जगाधरी। वन विभाग यमुनानगर डिविजन की जगाधरी रेंज के अंतर्गत पड़ने वाले कंड्रोली गांव में रोड साइड पापुलर के 70 पेड़ों का अवैध कटान के मामले में लगभग डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसकी सुनवाई के लिए 28 नंवबर की तारीख रखी गई। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में अपने ब्यान भी दर्ज करवाएं हैं। मगर कटान को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विभाग ने सोमवार तक मामले को कोर्ट में नहीं लगाया।
दो नवंबर 2025 को जगाधरी रेंज के अंतर्गत पड़ने वाले कंड्रोली गांव में सड़क किनारे खड़े पापुलर के पेड़ों को कुछ लोगों ने काटना शुरु कर दिया। इसकी सूचना वन विभाग जगाधरी रेंज को दी गई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मौके पर कर्मचारियों के पहुंचने के बावजूद कटान चलता रहा। इसके बाद काटी गई लकड़ी को ट्रालियों में लाद दिया गया । मामला जब बहुत अधिक तूल पकड़ गया तो लकड़ी को ट्रालियों में लाद कर रेंज कार्यालय ले आया गया, हालांकि लकड़ी से लदी तीन ट्रालियों में से दो को ही कब्जे में लेने का आरोप है। इसके साथ ही वाहनों को भी कब्जे में नहीं लिया गया
शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में फारेस्ट नार्थ सर्कल कार्यालय अंबाला के अलावा पीसीसीएफ कार्यालय पंचकूला को भी अवगत कराया। मगर कोई कार्रवाई न होती देख उन्होंने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर कर दी। जिसके बाद 28 नवंबर को शिकायतकर्ताओं के ब्यान दर्ज किए गए।
विभाग ने काटे गए 70 पेड़ों की डैमेज रिपोर्ट तो बना दी। मगर 2 नवंबर के बाद 9 दिसंबर तक यानी एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो कोई एफआईआर दर्ज करवाई गई न ही मामले को अदालत में पेश किया गया, यानी एक महीने तक आखिर किसका इंतजार हो रहा था। जबकि नियमानुसार यह कार्रवाई एक दो दिन में हो जानी चाहिए थी। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में न केवल सीएम विंडो पर बल्कि डीएफओ कार्यालय में भी शिकायत दी थी, उसके बाद भी डीएफओ कार्यालय द्वारा कुछ नहीं किया गया।
जब इस मामले में रेंज अधिकारी जगाधरी पुनीत कुमार से मंगलवार को उनके मोबाइल पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि केस के लिए डीएफओ की परमिशन जरुरी होती है, बिना परमिशन के वह केस नहीं लगा सकते। परमिशन अब मिल गई है इसलिए आज केस को कोर्ट में लगा देंगे।



