यमुनानगर, 18 नवंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश व धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने वालों का जब भी जिक्र होता है तो श्री गुरु तेग बहादुर का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उनके जीवन और कार्यों से नई पीढिय़ों को प्रेरित करने के लिए 350वें बलिदान वर्ष को पूरे राज्य में मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री यमुनानगर के कलेसर में श्री गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में उनके नाम पर वन, वन्य जीव एवं जैव विविधता संरक्षण ब्लॉक का उद्घाटन कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने वन एवं वन्य जीव संरक्षण ब्लॉक में विद्यार्थियों के साथ 350 पौधे लगाए और इस राष्ट्रीय उद्यान में सफारी ट्रेल का शुभारंभ और श्री गुरु तेग बहादुर द्वार का उद्घाटन भी किया।
मुख्यमंत्री ने ए.आई. आधारित मॉनिटरिंग टॉवर, ट्री कैनोपी वॉक और तीन स्तरीय वॉच टावरों का शिलान्यास भी किया। उन्होंने यमुनानगर के प्रतापनगर, किशनपुरा के 45 एकड़ में बनने वाले कृषि महाविद्यालय का नाम श्री गुरू तेग बहादुर के नाम पर रखने तथा यमुनानगर कपालमोचन सडक़ बाईपास की फिजिबलिटी चैक कर उसके निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के हर कोने को हरा-भरा बनाने का लक्ष्य है। हम केवल पेड़ नहीं लगा रहे, बल्कि जीवन लगा रहे हैं, जो हवा को शुद्ध करने वाले फिल्टर का काम करेंगें। हम उन जड़ों को मजबूत कर रहे हैं, जो हमारी धरती को बांधकर रखती हैं और उसे बंजर होने से बचाती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 5 जून, 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम रूपी अनूठे अभियान के तहत 1.87 करोड़ पौधे लगाए गए। इस वर्ष दूसरे चरण के तहत 2.10 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक 18 करोड़ पौधे लगाए जा चुके है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी वानिकी को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं शुरू की हैं, ताकि शहरों में भी हरियाली बढ़े। सरकार ने पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाए है। दक्षिण हरियाणा में हरित अरावली कार्य योजना भी शुरू की है। केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा बनाई गई यह परियोजना अरावली पहाडिय़ों के चार राज्यों में लागू की जा रही है, जिसमें हरियाणा के पांच जिले शामिल हैं।मोरनी क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का औषधीय वन तथा करनाल, पंचकूला व सोनीपत जिलों में ऑक्सीवन भी बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हर युवा एक पेड़ को संरक्षक की तरह गोद ले और हर संस्था इस फॉरेस्ट को जन-आंदोलन का रूप दें, तभी प्रदेश को हरा भरा बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डॉ. विवेक सक्सेना, पीसीसीएफ विनीत गर्ग, हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष रणदीप सिंह जोहर, एचएफडीसी के एमडी डॉ. केसी मीणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर, उपायुक्त पार्थ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर कलेसर लीलू राम, वन्य जीव रक्षक सुमित,हुक्मचंद, सुरजीत यादव, सरपंच प्रतिनिधि ज्ञान सिंह,आदि मौजूद थे।



